अध्याय 5 पित्त दोष (Pitta Dosh)

5.1 पित्त शब्द की निरुक्ति (Nirukti of word ‘Pitta’) 5.2 पित्त शब्द के पर्याय (Synonyms of word ‘Pitta’) 5.3 पित्त का स्वरुप  (Swarop of ‘Pitta’) 5.4 चरक का मतानुसार अग्नि…

Continue Readingअध्याय 5 पित्त दोष (Pitta Dosh)

अध्याय 4 वात दोष (Vata Dosha)

4.1 वात शब्द की व्युत्पति एवं निरूक्ति (Vyutpatti (derivation), Nirukti (etymology) of the term Vata) 4.2 वात शब्द के पर्याय (Synonyms of Vat) 4.3 वात का स्वरूप (Natural constitution of…

Continue Readingअध्याय 4 वात दोष (Vata Dosha)

अध्याय 3 दोष-एक सामान्य परिचय (General introduction of Dosha)

शारीरिक दोषों एवं मानस दोषों का वर्णन (Description of Sharir Dosha and Manas Dosha) अतश्च दोषा देहस्य स्थिरीकरणात् स्थूणा इत्युच्यन्ते।(अ.स.सू. 20/ 4) एवमनेन प्रकारेणेदं स्थानत्रयसन्निवेशिना दोषत्रयेण स्थूणासदृशेन शरीरमगारसदृशं धार्यते। एव…

Continue Readingअध्याय 3 दोष-एक सामान्य परिचय (General introduction of Dosha)

अध्याय -2 आयुर्वेद के मौलिक सिद्धान्त (Fundamental principal of Ayurveda kriya Sharir)

आयुर्वेद विश्व का प्राचीनतम चिकित्सा विज्ञान (Ayurveda is oldest medical science) है जिसके दो प्रमुख प्रयोजन या उद्देश्य (aims) हैं:- प्रथम तो स्वस्थ व्यक्ति के स्वास्थ्य को बनाया रखना (Prevention)…

Continue Readingअध्याय -2 आयुर्वेद के मौलिक सिद्धान्त (Fundamental principal of Ayurveda kriya Sharir)

अध्याय 1      विषय प्रवेश   (Introduction)

अध्याय 1      विषय प्रवेश   (Introduction) अध्याय विषय प्रवेश में हम जानेगे कि आयुर्वेद क्या है? शरीर क्या है? क्रिया क्या है? पुरूष क्या है? पुरूष के कितने भेद है? क्रिया…

Continue Readingअध्याय 1      विषय प्रवेश   (Introduction)

Assessment of Dosha Vrddhi Kshaya Lakshana

क्षीण दोषों के लक्षण (Features of Dosha Kshaya)  ‘वाते पित्ते कफे चैव क्षीणे लक्षणमुच्यते। कर्मण: प्राकृताद्वानिर्वृद्धिर्वा विरोधिनाम्’।।   (च. सू. 18/54) क्षयलक्षणमाह. वाते इत्यादि। कर्मण: प्राकृतादिति वातादिप्रकृति कर्मत्वेनोक्तादुत्साहादे:।  हानि: अपचय:। वृद्धिर्वाऽपि विरोधिनामिति उक्तप्राकृतलक्षणविरोधिनां…

Continue ReadingAssessment of Dosha Vrddhi Kshaya Lakshana

Global Ayush Investment and Innovation Summit-2022

पीएम मोदी 20 अप्रैल को गांधीनगर में 'ग्लोबल आयुष इन्वेस्टमेंट एंड इनोवेशन समिट' का उद्घाटन करेंगे उसके पहले आज जो WHO-GCTM का उद्घाटन होने वाला है उसे लाइव देखने के…

Continue ReadingGlobal Ayush Investment and Innovation Summit-2022

Koshtha

कोष्ठ (Kostha) कोष्ठ शब्द की व्युत्पत्ति:- कोष्ठ शब्द ‘कुश दाहे धातु से बना है। जिसका तात्पर्य जिसमें दाह या परिपाक की क्रिया हो उसे कोष्ठ कहते है। कोष्ठ की रचना…

Continue ReadingKoshtha

Dhatu an Introduction

धातु शब्द का अनेकार्थ प्रयोग होने पर भी शरीर क्रिया विषय में धातु शब्द का प्रयोग मुख्यत: रस, रक्त, मांस, मेंद, अस्थि, मज्जा एवं शुक्र इन सात धातुओं के लिए…

Continue ReadingDhatu an Introduction

Prakriti

प्रकृति (Prakruti) निरुक्ति:   ‘‘वाचस्पत्यम्’’ के अनुसार प्रकृति शब्द ‘‘प्र’’ उपसर्गपूर्वक ‘‘डुकृञ’’ धातु से क्तिच् या क्तिन् प्रत्यय से निष्पन्न होता है। व्युत्पत्ति:   ‘‘प्रकृति’’ ‘‘प्र’’ शब्द प्रकृष्ट का वाचक है…

Continue ReadingPrakriti